
वासंती मौसम आता हैकवि : मोहन रावल--वासंती मौसम आता है---जब मन में मिश्री घुलती है,जब देह भी रंग बदलती है,आँखों में सपने पलते हों,दर्द के शिखर पिघलते हों,जब हर कोई मन को भाता होवासंती मौसम आता है.जब खेतों में लहरें चलती है,हर कली में गंध मचलती है,किसलय पर ...
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