हिंदी का संरक्षण और विकास भारत का विकास है.
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ब्लॉग्स (44)
हिंदी बचाएं, संस्कृति बचाएं.
आओ हिंदी बचाएँ, संस्कृति बचाएँ|मित्रो ! देश परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है| पश्चिम की पूंजीवादी शक्तियाँ तथा भारत का भ्रष्ट पूंजीवादी वर्ग मिलकर भारतीय संस्कृति, भाषा,सभ्यता,धर्म में आमूल -चूल परिवर्तन कर भारत को अफ्रिका,आस्ट्रेलिया जैसा संस्कृति-हीन देश ...
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mohanlal rawal
द्वारा 20 मई, 2012 12:29 PM पर पोस्टेड
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हिंदी में समस्यापूर्ति
हिंदी में समस्या पूर्ति की परम्परा है|एक बार एक दरबारी कवि को राजा ने एक पंक्ति दी "कनक छरी सी कामिनी, काहे को कटि छीन" दूसरी पंक्ति कवि को पूरी करनी थी (शायद आलम नाम था कवि का) इनाम मिलने का भी सवाल था |कई दिनों तक सोचते रहे, दूसरी पंक्ति बन नहीं रही थी ...
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mohanlal rawal
द्वारा 16 मई, 2012 6:22 PM पर पोस्टेड
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नव-वर्ष शुभकामना ; मोहन रावल
नव वर्ष की शुभ कामना, नव वर्ष की शुभ कामना,आनंद से पूरित हो जीवन, कल्याण की हो भावना, कुंठित विचारों को फेंक दें, आशा की करें उद्भावना, पृथ्वी संरक्षण लक्ष्य हो, विकास की हो आराधना,स्नेह की सौगात बाँटें, विश्व-बंधुत्व ही हो उपासना.
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mohanlal rawal
द्वारा 1 जनवरी, 2012 12:11 AM पर पोस्टेड
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