----हिन्दी साहित्य समिति के सभागार में दिनांक 28 फरवरी को मासांत कार्यक्रम में कवि मोहन रावल ने अपनी रचनाएँ सुनाई. उनकी ज्यादातर रचनाएँ बसंत पर आधारित थी. उनकी कविता- जब मन में मिश्री घुलती है,,जब देह भी रंग बदलती है,आँखों में सपने पलते हैं, जब हर कोई मन ...
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